पाँचवाँ वाक्य-प्रारूप - इंद्रियबोधक क्रिया
इंद्रियबोधक क्रियाएँ see·hear·feel·watch·notice कर्म के आगे मूल रूप·वर्तमान कृदंत (-ing)·भूतकालिक कृदंत (p.p.) — ये तीन रूप रखकर ' को … करते हुए देखना·सुनना·महसूस करना' का अर्थ बनाती हैं.
व्याख्या
इंद्रियबोधक क्रियाएँ see·hear·feel·watch·notice कर्म के आगे मूल रूप·वर्तमान कृदंत (-ing)·भूतकालिक कृदंत (p.p.) — ये तीन रूप रखकर '~ को … करते हुए देखना·सुनना·महसूस करना' का अर्थ बनाती हैं.
A. इंद्रियबोधक क्रियाओं की सूची और मूल ढाँचा
इंद्रियबोधक क्रियाओं see·hear·feel·watch·notice·smell के आगे कर्म के बाद बिना to वाला क्रिया का मूल रूप आना ही मूल नियम है, और ये पाँचों इंद्रियों (पंचेंद्रिय) से भाँपी हुई बात दिखाती हैं. इंद्रियबोधक क्रिया + O + मूल / -ing / p.p. इन तीनों रूपों को एक साथ याद कीजिए.
| इंद्रिय | इंद्रियबोधक क्रिया |
|---|---|
| दृष्टि | see, watch, notice, look at |
| श्रवण | hear, listen to |
| स्पर्श | feel |
| गंध | smell |
- I watched the children play in the park. (मैंने बच्चों को पार्क में खेलते देखा.)
- We heard the birds sing in the morning. (हमने सुबह चिड़ियों को चहचहाते सुना.)
- She felt someone touch her shoulder. (उसने महसूस किया कि किसी ने उसका कंधा छुआ.)
- I smelled something burn in the kitchen. (मुझे रसोई में कुछ जलने की गंध आई.)
B. मूल रूप बनाम वर्तमान कृदंत — पूरा बनाम बीच का
मूल रूप का मतलब है कि काम शुरू से आख़िर तक पूरा का पूरा देखा, और वर्तमान कृदंत (-ing) का मतलब है कि उसी काम का बीच का एक दृश्य देखा — यहीं दोनों बँट जाते हैं.
| रूप | भाव | नमूना |
|---|---|---|
| इंद्रियबोधक क्रिया + O + मूल रूप | पूरा काम (शुरू से आख़िर तक) | I saw him cross the road. |
| इंद्रियबोधक क्रिया + O + -ing | बीच का दृश्य (चलते हुए) | I saw him crossing the road. |
- I saw the man open the door. (मैंने उस आदमी को दरवाज़ा खोलते हुए पूरा देखा.)
- I saw the man opening the door. (मैंने उस आदमी को दरवाज़ा खोलते हुए उसी पल देखा.)
- We heard her sing a beautiful song. (हमने उसे एक सुंदर गाना शुरू से आख़िर तक गाते सुना.)
- We heard her singing in the shower. (हमने उसे नहाते हुए गाते सुना.)
C. भूतकालिक कृदंत (p.p.) — कर्मवाच्य संबंध
जब कर्म और आगे वाले काम का संबंध 'कर्म पर वह काम होता है' यानी कर्मवाच्य हो, तब भूतकालिक कृदंत (p.p.) आता है.
| रूप | संबंध | नमूना |
|---|---|---|
| इंद्रियबोधक क्रिया + O + p.p. | कर्मवाच्य (~ किया जाते हुए) | I heard my name called. |
| इंद्रियबोधक क्रिया + O + p.p. | कर्मवाच्य (~ पर बीतते हुए) | She saw her car towed away. |
- I heard my name called over the loudspeaker. (मैंने लाउडस्पीकर पर अपना नाम पुकारा जाते सुना.)
- She saw her car towed away. (उसने अपनी गाड़ी को खिंचवाकर ले जाते देखा.)
- We watched the tree cut down. (हमने उस पेड़ को कटते देखा.)
- I felt my shoulder touched from behind. (मैंने पीछे से अपने कंधे को छुआ जाते महसूस किया.)
मुख्य बिंदु
- 1इंद्रियबोधक क्रियाओं के आगे भी प्रेरणार्थक क्रियाओं की तरह बिना to वाला क्रिया का मूल रूप आता है, to वाला रूप नहीं आता — यहीं सबसे ज़्यादा ग़लती होती है. (उदाहरण: I saw her cross.)
- 2मूल रूप का भाव है पूरा का पूरा काम देखा और वर्तमान कृदंत (-ing) का भाव है चलते हुए का एक दृश्य देखा — यह अंतर सीख लीजिए. (उदाहरण: cross / crossing)
- 3जब कर्म पर वह काम बीतता हो यानी कर्मवाच्य संबंध हो तब भूतकालिक कृदंत (p.p.) चलता है — यह नियम असली प्रयोग में अकसर चाहिए. (उदाहरण: I heard my name called.)
- 4smell·feel इंद्रियबोधक क्रियाएँ होते हुए भी दशा बताते समय इनके आगे विशेषण भी आ जाता है — यह अपवाद जान लीजिए. (उदाहरण: The soup smells good.)
- 5कर्मवाच्य वाक्य में इंद्रियबोधक क्रिया के आगे का मूल रूप बदलकर to वाला रूप हो जाता है — यह ख़ास नियम है. (उदाहरण: He was seen to cross the road.)