कृदंत - पाँचवें वाक्य-प्रारूप में पहचान
इंद्रियबोधक और प्रेरणार्थक क्रियाओं के बाद कर्म के पूरक की जगह पर, कर्म कर्तृवाच्य हो तो वर्तमान कृदंत (-ing) या क्रिया का मूल रूप, और कर्मवाच्य हो तो भूतकालिक कृदंत (p.p.) लिखा जाता है.
व्याख्या
इंद्रियबोधक और प्रेरणार्थक क्रियाओं के बाद कर्म के पूरक की जगह पर, कर्म कर्तृवाच्य हो तो वर्तमान कृदंत (-ing) या क्रिया का मूल रूप, और कर्मवाच्य हो तो भूतकालिक कृदंत (p.p.) लिखा जाता है.
A. इंद्रियबोधक क्रिया + कर्म + कृदंत·मूल रूप
इंद्रियबोधक क्रियाओं (see·hear·feel·watch·notice·listen to·look at) के बाद जब कर्म ख़ुद वह काम करता हो, तो चालू काम के लिए वर्तमान कृदंत (-ing) और शुरू से आख़िर तक पूरे हुए काम के लिए क्रिया का मूल रूप लिखा जाता है. सूत्र है कर्म कर्तृवाच्य = वर्तमान कृदंत·मूल रूप.
| इंद्रियबोधक क्रिया | रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| see·watch | O + V-ing | चलता हुआ काम देखना |
| see·watch | O + मूल रूप | शुरू से आख़िर तक का काम देखना |
| hear·listen to | O + V-ing | चलती हुई आवाज़ सुनना |
| feel·notice | O + V-ing/मूल रूप | इंद्रियों से महसूस करना |
- I saw a boy running in the park. (मैंने एक लड़के को पार्क में दौड़ते हुए देखा.)
- We watched the sun rise over the sea. (हमने समुद्र के ऊपर सूरज को उगते देखा.)
- She heard someone knocking on the door. (उसने किसी को दरवाज़ा खटखटाते हुए सुना.)
- I felt the ground shake. (मैंने ज़मीन को हिलते हुए महसूस किया.)
B. इंद्रियबोधक क्रिया + कर्म + भूतकालिक कृदंत
इंद्रियबोधक क्रियाओं के बाद भी अगर कर्म वह काम झेलने वाला हो, यानी कर्मवाच्य संबंध हो, तो भूतकालिक कृदंत (p.p.) लिखा जाता है. 'I heard my name called' में नाम पुकारा जाता है, यानी कर्मवाच्य संबंध है.
| कर्तृवाच्य (V-ing) | कर्मवाच्य (p.p.) | अंतर |
|---|---|---|
| I heard him calling my name. | I heard my name called. | वह पुकारता है / नाम पुकारा जाता है |
| I saw them fixing the car. | I saw the car fixed. | वे ठीक करते हैं / गाड़ी ठीक होती है |
| I felt her touching my hand. | I felt my hand touched. | वह छूती है / हाथ छुआ जाता है |
- I heard my name called over the loudspeaker. (मैंने लाउडस्पीकर पर अपना नाम पुकारा जाते हुए सुना.)
- She saw her bag stolen on the bus. (उसने बस में अपना बैग चोरी होते हुए देखा.)
- We noticed the window broken. (हमने देखा कि खिड़की टूटी हुई थी.)
- I felt my shoulder touched gently. (मैंने अपने कंधे को हल्के से छुआ जाते हुए महसूस किया.)
C. प्रेरणार्थक क्रिया + कर्म + भूतकालिक कृदंत
प्रेरणार्थक क्रियाओं (have·make·get) के बाद जब कर्म वह काम झेलने वाला हो, यानी कर्मवाच्य संबंध हो, तब भूतकालिक कृदंत (p.p.) लिखा जाता है. 'have + चीज़ + p.p.' नाई की दुकान, मरम्मत और सेवा वाले मौक़ों पर '~ करवाना' अर्थ में बहुत आता है. सूत्र है कर्म कर्मवाच्य = भूतकालिक कृदंत.
| प्रेरणार्थक क्रिया | रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| have | O + p.p. | ~ करवाना |
| get | O + p.p. | ~ करवा लेना |
| make | O + p.p. | ~ को … बना देना |
- I had my hair cut last weekend. (मैंने पिछले हफ़्ते बाल कटवाए.)
- She got her phone repaired at the shop. (उसने दुकान पर अपना फ़ोन ठीक करवाया.)
- We had the room cleaned before the guests arrived. (मेहमानों के आने से पहले हमने कमरा साफ़ करवा लिया.)
- He made himself understood in English. (उसने अंग्रेज़ी में अपनी बात समझा दी.)
मुख्य बिंदु
- 1पाँचवें वाक्य-ढाँचे में कर्म के पूरक का रूप कर्म और पूरक के कर्तृवाच्य-कर्मवाच्य संबंध से तय होता है. (जैसे: I saw him crossing / I heard my name called)
- 2इंद्रियबोधक क्रियाओं के बाद चलते हुए काम के लिए -ing और शुरू से आख़िर तक पूरे हुए काम के लिए क्रिया का मूल रूप लिखा जाता है. (जैसे: I saw him running vs I saw him run across the street.)
- 3have + चीज़ + p.p. नाई की दुकान·मरम्मत·सेवा वाले मौक़ों पर '~ करवाना' अर्थ में बार-बार काम आने वाला मुहावरेदार प्रयोग है. (जैसे: I had my hair cut.)
- 4get का अर्थ have जैसा ही है, पर बोलचाल में यह ज़्यादा बार आता है. (जैसे: I got my car repaired.)
- 5make oneself heard / understood, make + आत्मवाचक सर्वनाम + p.p. वाली जमी हुई संरचना है. (जैसे: He made himself understood in English.)